CG News: निगम को स्मार्ट सिटी से फुर्सत नहीं…सरकंडा की महिलाओं का एलान…अब हम करेंगे जोरापारा तालाब साफ

महिलाओं ने दिखाया निगम प्रशासन को आईना

CG news/बिलासपुर— पिछले कई सालों से नगर निगम बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाने में मस्त है। अब तक 1 हजार करोड़ से अधिक रूपये खर्च भी हो चुके है। बावजूद इसके बिलासपुर स्मार्ट सिटी अभियान की स्थित नौ दिन चले अढाई कोश जैसी है। निगम प्रशासन ने अब तक तालाब सौंदर्यीकरण पर लाखों रूपये खर्च कर चुके हैं। लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात साबित हुए है।यद्यपि कोर्ट से लेकर शासन प्रशासन ने जब तब तालाब संरक्षण को लेकर चिंता जाहिर किया है। बावजूद इसके निगम प्रशासन की हीला हवाली से क्षेत्र के तालाबों की स्थिति बद से बदतर है। यही कारण है कि सरकन्डा की महिलाओं ने एकजुट होकर जोरा तालाब को साफ करने का ना केवल एलान किया है। रविवार को  रसोई छोड़कर पढी लिखी नौकरी पेशा समेत सामान्य महिलाओं ने  जोरा तालाब साफ करने का मुहिम चलाया है।  मतलब महिलाओं ने निगम प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

 

महिलाओं ने दिखाया आईना

 

             निगम प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता से तंग सरकन्डा क्षेत्र स्थित जोरापारा की महिलाओं ने जोरातालाब को साफ करने का बीड़ा उठाया है। ना केवल बीड़ा उठाया..बल्कि स्थानीय महिलाओं ने पढ़ी लिखी नौकरी पेशा महिलाओं के साथ तालाब सफाई अभियान चलाकर निगम प्रशासन को आईना दिखाया है।

तालाब बना गंदगी का टैंक

                     स्थानीय महिलाओं ने बताया कि क्षेत्र में जोरातालाब निगम प्रशासन की उदासीनता से गंदगी का टैंक बन गया है।  हमने कई बार निगम के सामने कई बार गुहार लगाई..बावजूद इसके तालाब की स्थिति को ठीक करने का प्रयास नहीं किया गया। जबकि जोरातालाब  क्षेत्र का सबसे महत्वपूर्ण तालाब है। यह जानते हुए भी कि  कोर्ट लगातार तालाब संरक्षण की बात करता है। शासन प्रशासन जब तब तालाब संरक्षण की दुहाई देते हैं। लेकिन हर बार जोरातालाब निगम प्रशासन की सौतेली डाह का शिकार बन जाता है।  लगातार मांग और अनदेखी से हम लोग गंदगी से तंग आ चुके हैं।

आन-बान शान से लहराया तिरंगा...उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने दी सलामी...दिया मुख्यमंत्री संदेश..परेड और रंगारंग कार्यक्रम ने जीता दिल

निगम से उम्मीद ही नहीं

     महिलाओं ने कहा कि हमारे सभी धार्मिक कार्य नदी और तालाब से जुड़े हैं। तालाब गंदा होने के कारण हमें या तो घर में ही सांकेतिक तालाब बनाकर धार्मिक रस्म निभाना पड़ता है। या फिर दूर अरपा तट तक जाना पड़ता है। इससे काफी परेशानी होती है। निगम प्रशासन की उदासीनता के बाद स्थानीय महिलाओं ने मिलकर फैसला किया कि अब अपनी समस्या खुद दूर करेंगे। हमने आज पहले दिन जोरातालाब पहुंचकर ना केवल आस-पास की गंदगी को साफ किया। बल्कि घाट के आसपास सफाई अभिायन भी चलाया है। हमने फैसला किया है कि जब भी छुट्टी होगी  तालाब सफाई अभियान चलाएंगे। अभियान में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को जोड़ेंगे। एक दिन तालाब को साफ कर नजीर पेश करेंगे। हमें अब निगम से उम्मीद भी नहीं है।

निगम को स्मार्ट सिटी से फुरसत नहीं

महिलाओं ने बताया कि निगम चुनाव नजदीक है। प्रतिनिधि चुनने से पहले प्रत्याशी से तालाब साफ करने का संकल्प लेंगे। महिलाओं ने कहा गंदगी होने के कारण तालाब के आसपास कोई नहीं जाता।  इसके चलते तालाब को असामाजिक लोगों ने अड्डा बना लिया है। असामाजिक तत्वों के चलते खासकर महिलाओं और बच्चियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब हम ही इस परेशानी को दूर करेंगे। क्योंकि निगम से …कोई उम्मीद नहीं है। वजह भी है..क्योंकि निगम प्रशासन को स्मार्ट सिटी के काम से फुरसत ही नहीं है।

Bhaskar Mishra

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 16 साल का अनुभव।विभिन्न माध्यमों से पत्रकारिता के क्षेत्र मे काम करने का अवसर मिला।यह प्रयोग अब भी जारी है।वर्तमान में CGWALL में संपादकीय कार्य कर रहा हूं।

Related Articles